मास्टर युग✍️


उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद जीएसटी विभाग की ‘खामोशी’ में तैयार हो रहा है बड़ी कार्यवाही करने का खेल! मुखबिर तंत्र अलर्ट, फर्जी बिल और ‘इनवॉयस’ के खिलाड़ियों पर शिकंजे की तैयारी,
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मुरादाबाद। राज्यकर जीएसटी विभाग पिछले कुछ समय से भले ही कार्रवाई के मोर्चे पर खामोश दिखाई दे रही हो, लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो इस खामोशी के पीछे बड़ी तैयारी चल रही है। अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के आदेश और अपर आयुक्त ग्रेड-2 आर ए सेठ के निर्देशन में विभाग का मुखबिर तंत्र लगातार सक्रिय बताया जा रहा है। कर चोरी और फर्जी फर्मों के जरिए कथित इनवॉयस के खेल में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही सूचनाओं को खंगाला जा रहा है।
खामोशी को कमजोरी समझने वालों के लिए तैयार हो रही शिकंजा कसने की ‘पिच’
विभागीय स्तर पर करापंचाको के साथ-साथ उन लोगों की भी निगरानी तेज किए जाने की बात सामने आ रही है, जिन पर फर्जी बिलिंग अथवा इनवॉयस के जरिए राजस्व को नुकसान पहुंचाने की आशंका है। लंबे समय से शांत नजर आ रहा विभाग अब आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में दिखाई दे रहा है। सूत्रों का दावा है कि विभाग ने ऐसे मामलों में सूचनाओं को जोड़ने और संदिग्ध फर्मों के लेनदेन की कड़ियां खंगालने का काम तेज कर दिया है। यानी कार्रवाई भले ही पिछले दिनों सड़कों पर नजर न आई हो, लेकिन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, राज्यकर जीएसटी विभाग की ओर से थाना ठाकुरद्वारा मुरादाबाद में दर्ज कराई गई तीन एफआईआर के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। इन मामलों में फर्जी फर्मों और कथित कर चोरी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। कार्रवाई के अगले चरण में पुलिस और जांच एजेंसियों का फोकस आरोपियों के पूरे नेटवर्क पर धावा बोलने का है।
डीआईजी मुनिराज जी के निर्देश पर गठित एसआईटी की साइबर टीम ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से जुड़े डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने का काम शुरू किया है। जांच का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय कथित नेटवर्क की उन कड़ियों तक पहुंचना बताया जा रहा है, जिनके जरिए फर्जी फर्मों और इनवॉयस के खेल को संचालित किए जाने की आशंका बताई जा रही है।
एक-एक डिजिटल कड़ी जोड़ रही साइबर टीम
एसआईटी की साइबर टीम आरोपियों से जुड़े मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड, लेनदेन और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे, फर्मों का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था और लेनदेन के पीछे वास्तविक लाभार्थी कौन थे।
जांच की दिशा अब गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क की पहचान करने पर केंद्रित नजर आ रही है। यदि जांच में आरोपों से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जीएसटी की ‘शांति’ के पीछे बड़ी कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल जीएसटी विभाग की गतिविधियां भले ही सतह पर कम दिखाई दे रही हों, लेकिन विभागीय मुखबिर तंत्र और जांच एजेंसियों की सक्रियता ने कर चोरी और फर्जी फर्मों से जुड़े लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। अब निगाह इस बात पर है कि विभाग और एसआईटी की यह तैयारी कब बड़े खुलासे और कार्रवाई में बदलती है। फर्जी फर्मों से लेकर कथित इनवॉयस नेटवर्क तक—जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे उन चेहरों पर से पर्दा उठने की उम्मीद है, जो पर्दे के पीछे बैठकर पूरे खेल को संचालित करने की कोशिश कर रहे थे।
