
मुरादाबाद में दलित समाज और सामाजिक संस्थाएं के लोग गौतम बुद्ध पार्क बचाओ आंदोलन के लिये लोग बैठे धरने और अनशन पर
मुरादाबाद के जाने माने गौतम बुद्ध पार्क के परिसर में नगर निगम द्वारा सीनियर केयर सेंटर बनने पर दलित समाज के लोगों ने बड़े स्तर से विरोध शुरू हो चुका है आज सोमवार 8 सितंबर 2025 में दलित समाज के लोगों ने गौतम बुद्ध पार्क बचाओ आंदोलन शुरू किया है दलित समाज के लोगों का कहना है कि माहमानव गौतम बुद्ध को याद करो गौतम बुद्ध पार्क को मत बर्बाद करो नगर निगम मुरादाबाद द्वारा गौतम बुद्ध पार्क माननीय काशीराम जी नगर मुरादाबाद के पार्क पर ऐसा नहीं होने देंगे दलित समाज के लोगों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तब तक यहां से धरना और अनशन खत्म नहीं करेंगे गौतम बुद्ध पार्क नगर निगम के कब्जे से गुस्से मुक्त करेंगे और दलित समुदाये के लोग गौतम बुद्ध पार्क के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर पार्क में हो रहे निर्माण को रोकने की मांग की है और मुरादाबाद गौतम बुद्ध पार्क बसपा सरकार के दौरान वर्ष 2009 के तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनवाया गया था गौतम बुद्ध पार्क बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक नगर निगम इस पार्क से अपना अवैध कब्जा नहीं हटता उस समय तक यह धरना चलता रहेगा बैठे दलित समुदाय के लोगो में इसे लेकर खासी गुस्से में है मुरादाबाद नगर के काशीराम नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क में नगर निगम द्वारा जा रहे हैं निर्माण कार्य और मूल स्वरूप में परिवर्तन के विरोध में सामाजिक संगठन ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है

आंदोलनकारी ने कहा है कि महामानव गौतम बुद्ध को याद करो गौतम बुद्ध पार्क को बर्बाद मत करो इस पूरे मामले को संज्ञान लेते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी एक्स पर लिखकर कहा है कि गौतम बुद्ध पार्क बहुजन समाज के अनुयायियों की आस्था का प्रतीक है लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार गौतम बुद्ध पार्क में नगर निगम मुरादाबाद द्वारा सीनियर केयर सेंटर का निर्माण किया जा रहा है जिससे लोगों में बहुत रोष व्याप्त है तथा अशांति का माहौल बना है सरकार सीनियर केयर सेंटर पर रोक लगाये मुरादाबाद के सबसे बड़े गौतम बुद्ध पार्क परिसर में नगर निगम द्वारा सीनियर केयर सेंटर बनाए जाने का विरोध है दलित समुदाय के लोगों ने कहा है कि इससे हमारी भावनाएं जुड़ी हुई है हम ऐसा केयर सेंटर नहीं बने नहीं देंगे
