
सम्भल पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्कूल, कॉलेज में NCL जागरूकता अभियान 2.0 चलाया गया और छात्राओं छात्रों को किया जागरूक
मास्टर युग:: संभल
आज दिनांक 01.11.2025 को भारतीय न्याय व्यवस्था में परिवर्तन लाने वाले नए कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए)—के प्रभावी कार्यान्वयन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक जनपद सम्भल कृष्ण कुमार के निर्देशन में सम्भल पुलिस टीम द्वारा सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्कूल, कॉलेज एवं विद्यालयों में 03 दिवसीय NCL जागरूकता अभियान 2.0 चलाया गया।

इस जागरूकता अभियान के तहत नये आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चौपाल आयोजित कर समस्त नागरिकों, छात्र/छात्राओं को नये आपराधिक कानूनों (बीएनएस 2023, बीएनएसएस 2023, भारतीय साक्ष्य अधि0 2023) के सम्बन्ध में जागरुक किया गया । इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं के मध्य निबन्ध, क्विज, चित्रकला, डिबेट प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया गया ।
विशेष रूप से ‘शून्य एफआईआर’ (Zero FIR) की अवधारणा, E-FIR, समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्राविधान, नये अपराध, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग से जुड़े प्राविधान तथा पीड़ित-केंद्रित प्राविधानों पर विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया ।
यह कार्यक्रम नागरिकों, युवाओं तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन कानूनों की नई प्रावधानों, उनके लाभों तथा दैनिक जीवन पर प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। नए कानूनों ने औपनिवेशिक काल के पुराने दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित करते हुए आधुनिक, नागरिक-केंद्रित तथा तकनीकी रूप से सशक्त न्याय प्रक्रिया की नींव रखी है। इनमें डिजिटल साक्ष्यों को मान्यता, समयबद्ध जांच, महिलाओं एवं बच्चों के प्रति संवेदनशीलता तथा भ्रष्टाचार-रोधी प्रावधान जैसे महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन परिवर्तनों से आम जनता को परिचित कराना है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं न्यायोचित बने, नए कानून न केवल न्याय की गति को तेज करेंगे, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास को भी मजबूत करेंगे। यह जागरूकता अभियान हमारा सामूहिक दायित्व है, जो प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाएगा।

NCL जागरूकता अभियान के अंतर्गत* उपस्थित छात्र-छात्राओं को “नये आपराधिक कानूनों
- भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS),
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita – BNSS) तथा
- भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam – BSA) —
के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण धाराओं व संशोधनों की जानकारी दी गई। तथा बताया गया कि नए कानूनों में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाया गया है अब महिला उत्पीड़न, छेड़खानी, पीछा करना (Stalking), दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, विवाह के नाम पर धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न जैसे अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही, पीड़िता को शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने हेतु एफआईआर पंजीकरण से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वर्चुअल ट्रायल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएँ भी सम्मिलित की गई हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक संवेदनशील व पारदर्शी बने।

