
31 दिसंबर 2025 तक के बकाये पर मिलेगा लाभ, मूल बकाया जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में 100% तक छूट
गौरव गुप्ता अधिवक्ता मुरादाबाद ने बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराने कर बकायों से परेशान व्यापारियों को राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के निर्धारित आदेशों से बने बकाये पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड में छूट दी जाएगी। यह योजना शासनादेश जारी होने की तारीख से तीन महीने तक लागू रहेगी। आवश्यकता होने पर इसकी अवधि मुख्यमंत्री के आदेश पर बढ़ाई जा सकती है।
योजना में मूल बकाया राशि जमा करने पर बकाये की कुल राशि के आधार पर ब्याज माफी का लाभ मिलेगा।
10 लाख रुपये तक का बकाया: 100 प्रतिशत ब्याज माफी।
10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक: 10 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा और 90 प्रतिशत ब्याज माफ होगा।
1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक: 25 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा और 75 प्रतिशत ब्याज माफ होगा।
5 करोड़ रुपये से अधिक: 50 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा और 50 प्रतिशत ब्याज माफ होगा।
इसके अलावा, बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाए गए अर्थदंड में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश व्यापार कर, वैट, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर, मनोरंजन एवं पणकर तथा केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित पुराने बकायेदारों को मिल सकेगा। इसमें 31-12-2025 तक के आदेशों से बनी मांग के साथ समाधान योजनाओं की बची हुई राशि भी शामिल है।
जिन व्यापारियों ने पहले ही मूल बकाये की पूरी या कुछ राशि जमा कर दी है, वे भी योजना की शर्तों के अनुसार लाभ ले सकेंगे।
न्यायालय में लंबित या पहले से तय मामलों से संबंधित बकायों पर भी योजना के तहत राहत मिल सकती है। हालांकि, लंबित मुकदमे वाले व्यापारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार मुकदमा वापस लेने से संबंधित प्रमाणपत्र और शपथपत्र देना होगा।
ध्यान रहे कि इस योजना में केवल बकाया जमा न करने के कारण लगाया गया अर्थदंड माफ होगा। अन्य प्रकार के अर्थदंड पर यह छूट लागू नहीं होगी।
योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को पहले बकाया मूलधन, ब्याज और अर्थदंड की गणना कर निर्धारित राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
विभागीय अधिकारी आवेदन और जमा राशि का सत्यापन करेंगे। आवेदन सही पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 15 दिन में बकाया समाप्त होने का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यदि आवेदन में कोई गलती मिलती है, तो व्यापारी को पोर्टल के माध्यम से इसकी सूचना दी जाएगी और गलती सुधारने का अवसर मिलेगा।
व्यापारियों के लिए सलाह: योजना का लाभ लेने से पहले अपने पुराने कर बकाये, संबंधित आदेश और ब्याज की गणना की जांच कर लें तथा निर्धारित तीन महीने की अवधि के भीतर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।
