
मुरादाबाद कांठ क्षेत्र के बोरवेल के कुएं में तेंदुए का वन विभाग टीम ने किया सफलता पूर्वक रेस्क्यू,
Moradabad उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के थाना कांठ क्षेत्र में उसे वक्त हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने एक कुएं में तेंदुए का बच्चा जिसकी उम्र लगभग 7 महीने की है ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी जिस पर वन विभाग की टीम तुरंत मानकुआ गांव पहुंची और स्थित अपने हाथ में लेकर तेंदुए का रेस्क्यू किया लगभग 4 घंटे रेस्क्यू चला जो शाम 4:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक तेंदुए को वन विभाग ने अपने पिंजरे में कैद कर डियर पार्क ले आई
ग्रामीणों ने जब कुएं में तेंदुए को दिखा तो एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जब एक तेंदुआ खेत में बने नलकूप के कुएं में गिर गया है। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तेंदुए की मौजूदगी की खबर ने इलाके में सनसनी मचा दी, लेकिन वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को सुरक्षित बचा लिया गया।

जब कुछ ग्रामीण अपने खेतों की ओर गए, तो उन्होंने नलकूप के कुएं में एक तेंदुए को फंसा हुआ देखा। तेंदुए की मौजूदगी देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत ही इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और वन विभाग को दी गई। खबर मिलते ही वन विभाग रेंजर अपनी विशेष टीम लेकर मौके पर पहुंचे और तेंदुए को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
चार घंटों की मेहनत के बाद सफल रेस्क्यू
वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुआं गहरा होने के कारण तेंदुए को बाहर निकालना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। टीम ने विशेष उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करते हुए चार घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को कुएं मे से सुरक्षित बाहर निकाला गया । वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुआ लगभग 7 से 8 महीने का है और सौभाग्यवश उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी।
डियर पार्क में तेंदुए की स्पेशल डॉक्टर द्वारा जांच की गई और तेंदुए को अमानगढ़ के जंगलों में छोड़ने की तैयारी कर ली गई है
रेस्क्यू के बाद तेंदुए की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित रूप से प्राकृतिक वातावरण में मैं रखा गया है और वन विभाग ने तेंदुए की सुरक्षा और उसके प्राकृतिक आवास में वापसी को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। तेंदुआ को सुरक्षित अमानगढ़ में छोड़ने के लिए टीम रवाना हो गई वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों स अपील करते हुए कहा है कि इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों को देखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दे ताकि वन विभाग के अधिकारी उसको आसानी पूर्वक रेस्क्यू कर सकें जिससे कि जान माल का कोई नुकसान ना हो सके और खुद से कोई जोखिम भरा कोई कदम न उठाएं। “जंगली जानवरों के साथ किसी भी तरह का टकराव खतरनाक हो सकता है। ग्रामीणों से अनुरोध है कि वे ऐसी स्थिति में शांत रहें और तुरंत हमें सूचित करें।”
वन्यजीव हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है
