
यूनिवर्सिटी नेतृत्व के मार्गदर्शन में ‘पृथ्वी दिवस’ पर विद्यार्थियों ने जाना ‘कचरे से कंचन’ बनाने का मंत्र; बुद्धा पार्क प्लांट का किया भ्रमण
मुरादाबाद। ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ (Earth Day) के अवसर पर गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) सचिन माहेश्वरी, कुलसचिव आदरणीय गिरीश द्विवेदी* एवं समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) डॉ. वैशाली पुनिया के कुशल मार्गदर्शन व प्रेरणा से विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम ‘Our Power, Our Planet’ (आर पावर, आर प्लेनेट) को चरितार्थ करते हुए एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, एमएससी केमिस्ट्री और एमएससी ज्योग्राफी के छात्र-छात्राओं ने बुद्धा पार्क स्थित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया।
विशेषज्ञों और संकाय की उपस्थिति
विश्वविद्यालय की ओर से इस शैक्षणिक दल का नेतृत्व प्रो. डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. अदीबा खान, डॉ. सत्येंद्र त्रिपाठी, डॉ. अंकित कुमार और डॉ. रोहित कुमार भी उपस्थित रहे। नगर निगम की IEC टीम से अनुज शर्मा, अभय, विधि और विशेष ने विद्यार्थियों को प्लांट के विभिन्न जोन्स और वहां कचरा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट और कार्यप्रणाली का अवलोकन
भ्रमण का मुख्य उद्देश्य सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) को बढ़ावा देना और मुरादाबाद नगर निगम द्वारा कचरे को ‘कंचन’ में बदलने की तकनीक को समझना था। विद्यार्थियों ने निम्नलिखित प्रक्रियाओं का अवलोकन किया:
- सेग्रीगेशन: कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग श्रेणियों में बांटना।
- प्लांट संचालन: एमआरएफ (MRF) और सी एंड डी (C&D) प्लांट की कार्यप्रणाली और उनकी अवस्थिति।
- वेस्ट टू वेल्थ: कचरे को बहुमूल्य संसाधनों में बदलकर पुन: उपयोग में लाने का प्रभावी इनिशिएशन।
ऑडिटोरियम में फिल्म प्रदर्शन
प्लांट के ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों को एक लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें पृथ्वी की उत्पत्ति, विकास और वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों को दर्शाया गया। फिल्म के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अपनी धरती को सुरक्षित रखने की शक्ति हम सबके भीतर है।
विद्यार्थियों का फीडबैक
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपना अनुभव साझा किया। छवि द्विवेदी और अरमान खान ने फीडबैक देते हुए बताया कि कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह भ्रमण उनके लिए बेहद ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने इसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी अनुभव बताया।
