
मुरादाबाद के नजूल संख्या 470 वंडर व्हाट अवैध तरीके से मंजेश राठी का कब्जा दो फ्री होल्ड बाकी सारी भूमि पट्टा और मुआयदा नजूल की जमीने पर DMR हॉस्पिटल पर कानूनी शिकंजा होने की तैयारी
मास्टर युग का मास्टर स्ट्रोक
उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के 27 सिविल लाइन छावनी नजूल 470 डीएमआर हॉस्पिटल पर जिलाधिकारी मुरादाबाद ने दी जांच के आदेश नजूल470 की जमीन पर सारे विभागों को डीएम मुरादाबाद ने पिछले दिनों जांच के आदेश दे दिए हैं
अब आपको हम समझते हैं कैसे यह नजूल 470 लिखवाई गई
यह तीन स्तर से रजिस्ट्री और पट्टा और मुआयदा कराकर यह खेल खेला गया
इन सब जमीनों का खेल कहीं तो करोड़ों का दिखाया गया है कहानी लाखों का दिखाया गया है सूत्रों की माने तो सिर्फ दो ही ऐसी रजिस्ट्री बैयनामा है जिसमें दर्शाया गया है कि यह फ्री होल्ड है लेकिन रजिस्ट्री में फ्री होल्ड का लेटर नहीं लगा हुआ है लेकिन और जमीनों की की रजिस्ट्रीयो में पट्टा हो या मुआयदा पे साफ-साफ लिखा है की फ्री होल्ड नहीं है
और इन सारी रजिस्ट्रियों पर खरीद परोस्ट दिखाया गया है जो साफ-साफ प्रतीक होता है की नजूल की संपत्ति 470 पर गैर तरीके से बेची गई है और उसे पर कमर्शियल बिल्डिंग या यू कहे डीएमआर हॉस्पिटल बनाया गया है इस विषय में डीएमआर ग्रुप जो भी उसके बारे में पूछता है उसे मैनेज किया जा रहा है क्या 470 नजूल संपत्ति को कब्जा मुक्त मुरादाबाद डीएम खाली करा पाएंगे या नहीं वह तो वक्त ही बताएगा

आपको बताते चलें कि एक व्यक्ति द्वारा सीएम पोर्टल पर शिकायत की गई थी कि 470 गाटा संख्या जो 27 सिविल लाइन छावनी नजूल की संपत्ति है उसे पर अवैध तरीके से एक बड़ा हॉस्पिटल तैयार हो रहा है
नजूल संपत्ति आखिरकार इतनी बड़ी संपत्ति कहां चली गई अब सवाल उठता है कि जिन अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी वह कहां थे क्या उनकी भी मिली भगत तो नहीं वह इस दौरान क्या कर रहे थे सूत्रों की माने तो अधिकारियों की मिली भगत से जमीन को 2018 से 2025 तक सारी जमीनों को निपटा दिया गया जो एक सवाल यह निशान खड़ा होता है सरकारी रिकॉर्ड में इसे 27 सिविल लाइन छावनी के नाम से पहचाना जाता है इसे छावनी में नजूल लैंड का भूखंड संख्या 470 रिकॉर्ड भी दर्ज है
इस भूखंड का रखवा लगभग 4.95 है इसमें कुछ ही वर्ग मीटर भूमि फ्री होल्ड है जबकि बाकी नजूल भूमि पर सरकारी कब्जा होना चाहिए था लेकिन मौके पर एक बड़ा हॉस्पिटल जो डीएमआर के नाम से बन रहा है सूत्रों की माने तो इसी संपत्ति का वह एक हिस्सा है जो कई हजार वर्ग मीटर में बन रहा है नजूल की संपत्ति 470 नंबर पर बना रहे विशालकाय हॉस्पिटल डीएमआर एक नजूल का एक बड़ा हिस्सा है
प्रदेश सरकार ने आदेश दिए हैं कि सभी शत्रु संपत्ति और नजूल लैंड को प्रशासन अपने कब्जे में ले ले और उनको सुरक्षित करें लेकिन मुरादाबाद में सिविल लाइन एरिया में नजूल की 4.95 भूमि का एक बड़ा हिस्सा कहां मिक्सिंग हो गई प्रशासन इसे खोजने में नाकाम है महीना भर से ज्यादा हो गए हैं लेकिन अभी तक कोई जांच का पता नहीं लगा की नजूल की 470 संख्या कहां है

जो विभाग एनओसी देने वाले हैं क्या वह तो मिले हुए नहीं है उनकी ही मिली भगत से इतना बड़ा हॉस्पिटल बन रहा है यह सवालिया निशान उठता है छावनी 470 नंबर गाटा संख्या जो नजूल है इसकी पुष्टि कर ली गई है और यह लगभग 4.95 एकड़ का रखवा है इसमें कुछ ही रखवा फ्री होल्ड है सूत्रों की माने तो क्या इसमें बहुत बड़ा झोल हुआ है क्या इसमें अधिकारियों की भी मिली भगत से यह ऐसा काम किया गया है जो करोड़ों की संपत्ति एक रसूखदार को दे दी गई
फ्री होल्ड लैंड आवासीय उपयोग के लिए कमर्शियल अस्पताल कैसे बन गया
जब हमारी टीम द्वारा डीएमआर हॉस्पिटल के सुपरीटेंडेंट एवं एडमिनिस्ट्रेशन डीएमआर ग्रुप के डा. जिशान ने बताया कि हमने सारी नजूल की कराई गई रजिस्ट्री को फ्री होल्ड कर रखा है उनके द्वारा यह बताई गई सारी बातें गलत है हमने जब रजिस्ट्री का मुआयना किया तो पता चला उसमें कुछ ही फ्री होल्ड है और बाकी पट्टा और मुआयदा पर है जो उनकी तरफ से कही गई बातें बिल्कुल झूठ साबित होती हैं अगर यह बात मान भी ली जाए की DMR का कंस्ट्रक्शन फ्री होल्ड लैंड पर है तो भी यह दो कारण से अवैध है पहले यह कि यह नजूल कि भूमि आवासीय उपयोग के लिए फ्री होल्ड की गई थी लेकिन इस पर व्यवसाय भूखंड पर बहुमंजिली अस्पताल के निर्माण की परमिशन प्राधिकरण ने आखिरकार किन नियमों के तहत दे दी गई इस बिल्डिंग के निर्माण के लिए करीब 30 फीट गहरा बेसमेंट खोदकर इसमें पार्किंग बनाई गई रियासी इलाके में इतने बड़े गहरे बेसमेंट की इजाजत आखिर कैसे हुई नजूल लैंड के अवैध निर्माण अंतर और अवैध रूप से बिक्री का मामला भी अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है डीएमआर हॉस्पिटल नजूल 470 की भूमि मुआयदा और पट्टा एवं.बेयनानामा कुछ फ्री होल्ड पर बनाकर खड़ा हो चुका है क्या यह अपने आप में नियम के विरुद्ध खड़ा हुआ है क्या यह सवालिये निसान खड़ा नहीं होता

अर्शे से सरकारी तंत्र और नजूल लैंड पर नए-नए तरीके से कब्जा करने वाले लोग पूरा खेल फ्री होल्ड हिस्से से नाम पर खेलते चले आ रहे हैं फ्रीहोल्ड लैंड दर्शाया जाता है महीने बीतने के बाद भी MDA नगर निगम और नजूल डिपार्टमेंट इस प्रकरण की जांच पूरी नहीं कर पा रहे हैं सूत्रों का कहना है की लंबी जांच के बहाने मामले को ठंडा बस्ते में डालकर निपटा दिया जाएगा क्या अब बाबा जी के राज में भी ऐसे ही नजूल की संपत्तियों पर कब्जा होगा सवालिये निशान खड़ा होता है
एक व्यक्ति द्वारा सीएम पोर्टल पर शिकायत की गई थी जिसमें अधिकारियों में हड़कंप मच गया था और छावनी जो नजूल भूखंड संख्या 470 की तलाश शुरू कर दी थी शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि नजूल भूखंड 470 पर बहुमंजिला DMR हॉस्पिटल बन रहा है इस मामले को कई हफ्ते गुजर चुके हैं सूत्रों की माने तो डीएम मुरादाबाद सारे विभाग को फटकार लगाते हुए इसमें जमीन खोजने को कहा है
मामला सामने आने पर जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों को एक आदेश जारी किया है जिसमें डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट की नजूल रजिस्टर पर इस भूमि की किसी भी प्रकार की बिक्री नामांतरण आदि के संबंध में शासन का कोई आदेश अंकित नहीं है इससे साफ है कि मौजूद समय में फ्री होल्ड हुई भूमि के अतिरिक्त बाकी की भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण करना अनुचित है लेकिन DMR हॉस्पिटल का काम और तेजी से चल रहा है जिससे जल्दी से हॉस्पिटल तैयार हो सके सरकार द्वारा दिए गए आदेश में 2008 के पहले नजूल लैंड के फ्री होल्ड करने का विकल्प था लेकिन 2008 के बाद सरकार ने इस पर रोक लगा दी अब किसी भी नजूल लैंड को फ्री होल्ड नहीं कराया जा सकता सूत्रों की माने तो जितने भी रजिस्ट्री डीएमआर हॉस्पिटल द्वारा हुई है कुछ रजिस्ट्री छोड़कर बाकी सारी कैंसिल होनी चाहिए और बाकी का प्रशासन पर उसे पर कब्जा होना चाहिए जिससे नजूल 470 कब्जा मुक्त हो सके
और खुलासे के साथ आते हैं अगली खबर में देखते रहिए मास्टर युग
